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प्रबंधन लेखांकन क्या है और इसकी शुरुआत अक्सर Excel से क्यों होती है?
प्रबंधन लेखांकन कंपनी के वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने, व्यवस्थित करने और उसका विश्लेषण करने की प्रणाली है, जो मालिक को निर्णय लेने में मदद करती है।
कारोबार चलाने के लिए कुछ व्यावहारिक सवालों के जवाब ज़रूरी हैं: हर परियोजना से कितनी रकम मिल रही है, कहाँ तय बजट से अधिक खर्च हो रहा है, किसके पास खर्च का हिसाब देने के लिए दी गई रकम है, आज कितना पैसा उपलब्ध है और क्या आगे नकदी की कमी पड़ सकती है।
एक काल्पनिक उदाहरण लें: मरम्मत करने वाली टीम दो परियोजनाओं पर काम कर रही है, ग्राहक किस्तों में भुगतान करते हैं और जिम्मेदार व्यक्ति रोज़ लेनदेन दर्ज करता है। जब तक जानकारी समय पर मिलती है और उसकी जाँच हो पाती है, Excel पर्याप्त हो सकता है। परियोजनाएँ और लेनदेन बढ़ने पर काम के नियमों की समीक्षा करें और देखें कि इस्तेमाल किया जा रहा साधन कितना उपयुक्त है। केवल परियोजनाओं की संख्या से यह तय नहीं होता कि स्प्रेडशीट काम आएगी या नहीं।
उद्यमी Excel क्यों चुनते हैं?
पहला कारण है परिचित साधन। यदि टीम पहले से Excel इस्तेमाल करती है, तो शुरुआती लेनदेन रजिस्टर मौजूदा वर्कबुक में बनाया जा सकता है। साथ मिलकर काम शुरू करने से पहले ज़रूरी संस्करण और लाइसेंस की उपलब्धता जाँच लें।
दूसरा कारण है लचीलापन। आप कारोबार के अनुसार तालिका बना सकते हैं: खर्च की मदें, भुगतान का तरीका, परियोजना, ग्राहक या आपूर्तिकर्ता, टिप्पणी और दस्तावेज़ों के लिंक जोड़ सकते हैं। Excel पहली प्रविष्टि से पहले संदर्भ सूचियाँ तैयार करने की शर्त नहीं रखता।
तीसरा कारण है छोटे ढाँचे से शुरुआत करने की सुविधा। टीम के लिए पहले लेनदेन दर्ज करने और शेष रकम का मिलान करने की व्यवस्था बनाना उपयोगी है। Excel की उपयुक्तता डेटा की पूर्णता, लेखांकन की जटिलता और जाँच में लगने वाले समय से आँकी जाती है। एक या दो परियोजनाओं की कोई सार्वभौमिक सीमा नहीं है।
Excel में प्रबंधन लेखांकन से कौन से काम किए जा सकते हैं?
Excel में लेनदेन को एक व्यवस्थित तालिका में दर्ज करके उसके आधार पर रिपोर्ट बनाई जा सकती हैं। पिवट टेबल इन आँकड़ों को परियोजना, मद और अवधि के अनुसार समूहों में बाँटने और उनका विश्लेषण करने में मदद करती हैं।
Excel में प्रबंधन लेखांकन को भरोसेमंद बनाए रखने के लिए शुरुआत से दो हिस्से अलग रखें: डेटा दर्ज करना, यानी घटनाओं की एक तालिका, और रिपोर्टिंग, यानी पिवट टेबल, चार्ट तथा परियोजनाओं के लाभ-हानि विवरण। इससे फ़ॉर्मूला बिगड़ने का जोखिम कम होता है और विश्लेषण तेज़ होता है।
रजिस्टर में लेनदेन का पहचान क्रमांक, तारीख, घटना का प्रकार, परियोजना, संबंधित ग्राहक या आपूर्तिकर्ता, मद, रकम, बैंक खाता या नकद खाता, टिप्पणी और दस्तावेज़ का लिंक होना चाहिए। उपार्जन आधार पर रिपोर्ट बनाने के लिए आय या खर्च को मान्यता देने की अवधि और उससे संबंधित भुगतान का संदर्भ भी जोड़ें: भुगतान की तारीख और मान्यता की तारीख अलग हो सकती हैं।
नकदी की आवाजाही और वित्तीय परिणाम को शुरुआत से अलग रखें। नकदी प्रवाह विवरण में प्राप्तियाँ और भुगतान आते हैं। उपार्जन आधार पर लाभ-हानि विवरण (P&L) में संबंधित अवधि की आय और खर्च दिखाए जाते हैं। IAS 7 भी लाभ और नकदी प्रवाह में अंतर करता है। दो अलग रिपोर्ट बनाने के लिए यह उपयोगी संदर्भ है; इसका अर्थ यह नहीं है कि आपकी आंतरिक स्प्रेडशीट पर यह मानक लागू करना अनिवार्य है।
ग्राहक से मिला अग्रिम भुगतान उपलब्ध पैसे को बढ़ाता है, लेकिन संबंधित दायित्व पूरे होने से पहले वह अपने आप अर्जित राजस्व नहीं बन जाता। IFRS 15 इस सिद्धांत को समझाता है। इसी तरह आपूर्तिकर्ता को किया गया अग्रिम भुगतान उपार्जन आधार वाले P&L में अपने आप उस अवधि का खर्च नहीं बनना चाहिए। मान्यता देने के नियम अलग से तय करें। आपस में जुड़े भुगतान और उपार्जन को एक ही सूचक में दो बार नहीं गिनना चाहिए। कंपनी के अपने खातों के बीच हस्तांतरण से आय या खर्च नहीं बनता और कुल उपलब्ध पैसा नहीं बदलता; समेकित नकदी प्रवाह विवरण में इसे आंतरिक हस्तांतरण के रूप में अलग दिखाएँ।
- उपार्जन आधार पर आय और खर्च की रिपोर्ट: अवधि में मान्यता प्राप्त आय और खर्च, परियोजनाओं और कंपनी का लाभ। साझा खर्चों के बँटवारे का नियम एक समान होना चाहिए।
- नकदी प्रवाह विवरण: नकदी का आना-जाना और नकद तथा बैंक खातों में शेष रकम।
- बजट बनाम वास्तविक: समान परियोजनाओं, मदों, अवधियों और लेखांकन पद्धति के आधार पर तुलना। भुगतान योजना की तुलना वास्तविक भुगतानों से करें और उपार्जन आधार वाले खर्च बजट की तुलना मान्यता प्राप्त खर्चों से करें।
- खर्च का हिसाब देने के लिए दी गई रकम का नियंत्रण: किसे कितनी रकम दी गई, कितनी दस्तावेज़ों से प्रमाणित हुई, कितनी वापस आई और कितनी का हिसाब देना बाकी है। इस उद्देश्य से रकम देना अपने आप P&L में खर्च नहीं होता।
- ग्राहकों के भुगतानों का मिलान: किसने भुगतान किया, किस भुगतान की समय-सीमा बीत चुकी है और कौन से भुगतान अभी अपेक्षित हैं।
यदि आपका ध्यान खर्च और रसीदें व्यवस्थित रखने पर है, तो 101 का लेख «Excel में खर्च का हिसाब कैसे रखें?» (रूसी में) पढ़ना उपयोगी होगा। इसमें बताया गया है कि Excel कहाँ मदद करता है और कहाँ कठिनाइयाँ आने लगती हैं।
कंपनी में Excel आधारित प्रबंधन लेखांकन कैसे लागू करें?
Excel में लेखांकन लागू करते समय बड़ी गलती यह होती है कि नियमित डेटा प्रविष्टि की व्यवस्था बने बिना ही मालिक के लिए रिपोर्ट बनाने से शुरुआत कर दी जाती है। पहले काम की सरल व्यवस्था तैयार करना बेहतर है: कौन, कब और किस रूप में लेनदेन दर्ज करेगा, दस्तावेज़ कहाँ रखे जाएँगे और रकम की जाँच कैसे होगी।
एक व्यावहारिक व्यवस्था है: एक व्यक्ति पद्धति और नियमों के लिए जिम्मेदार हो, दूसरा समय पर और पूरी प्रविष्टियाँ होने की निगरानी करे, और काम करने वाले लोग अपने लेनदेन दर्ज करें। भूमिकाएँ तय न होने पर Excel ऐसी फ़ाइल बनकर रह जाता है जिसे बस कभी काम आने की उम्मीद में रखा गया हो।
लेखांकन को व्यवस्थित रखने के लिए काम का क्रम तय करें:
- चरण 1. तय करें कि किन रिपोर्टों की वास्तव में ज़रूरत है। सामान्य शुरुआती सूची में नकदी प्रवाह, परियोजना के अनुसार आय और खर्च, तथा ग्राहकों से मिलने वाली बकाया रकम शामिल होती है।
- चरण 2. बुनियादी सूची के फ़ील्ड वाली लेनदेन तालिका बनाएँ। भुगतान और उपार्जन को अलग पहचानें और उन्हें एक पहचान क्रमांक से जोड़ें। संदर्भ सूचियाँ और रिपोर्ट हाथ से डेटा दर्ज करने वाले हिस्से से अलग रखें।
- चरण 3. संदर्भ सूचियाँ बनाएँ: परियोजनाएँ, खर्च की मदें, आय की मदें और संबंधित ग्राहक या आपूर्तिकर्ता। इससे नामों की उलझन कम होगी और विश्लेषण में मदद मिलेगी।
- चरण 4. डेटा प्रविष्टि की जाँच तय करें: ड्रॉपडाउन सूचियाँ और रकम के स्वीकार्य मान। खाली फ़ील्ड और दोहराई गई प्रविष्टियों की जाँच जोड़ें; वापसी और सुधार दर्ज करने का तरीका अलग से तय करें।
- चरण 5. तैयार डेटा से रिपोर्ट बनाएँ: परियोजना के अनुसार P&L, सप्ताह के अनुसार नकदी प्रवाह और बजट बनाम वास्तविक। हर रिपोर्ट के लिए सही घटना प्रकार और तारीखें तय करें और कुछ लेनदेन पर परिणाम हाथ से जाँचें।
- चरण 6. आय और खर्च को मान्यता देने, अग्रिम भुगतानों, हिसाब देने के लिए दी गई रकम और साझा लागतों के लेखांकन के नियम लिखें। तय करें कि भुगतान कब दर्ज होगा, दस्तावेज़ कैसे जोड़े जाएँगे और महीने का लेखा बंद करने की जिम्मेदारी किसकी होगी।
- चरण 7. जाँच की नियमित व्यवस्था लागू करें: रोज़ लेनदेन दर्ज करना, हर सप्ताह मिलान करना, हर महीने लेखा बंद करना और विचलनों की समीक्षा करना।
यदि आप कारोबार के विस्तार की तैयारी करना चाहते हैं, तो परियोजना आधारित कारोबार में लेखांकन की व्यवस्था पर 101 का लेख देखें: «परियोजना आधारित कारोबार में प्रबंधन लेखांकन कैसे व्यवस्थित करें?» (रूसी में)। इसमें परियोजनाओं की लाभप्रदता और लाभ मार्जिन पर ध्यान दिया गया है।
Excel में लेखांकन के फायदे और सीमाएँ
फायदे शुरुआती रिपोर्टों से ही दिखाई देते हैं: आप तालिका बनाते हैं, फ़ॉर्मूले लगाते हैं, कुल रकम निकालते हैं और खर्च का चार्ट बनाते हैं। Excel की बहुउपयोगिता आपको कंपनी की ज़रूरतों के अनुसार विश्लेषण का ढाँचा बदलने देती है।
टीम के साथ लेखांकन करते समय डेटा प्रविष्टि की गुणवत्ता, गणनाओं की सुरक्षा और फ़ाइल रखने की एक साझा जगह महत्वपूर्ण हैं। स्रोत डेटा की गलतियाँ रिपोर्ट तक पहुँच जाती हैं; वर्कबुक की कई अलग-अलग भेजी गई प्रतियाँ मिलान को कठिन बनाती हैं। ये जोखिम काम की व्यवस्था पर भी निर्भर करते हैं।
Excel में एक ही वर्कबुक पर एक साथ संपादन किया जा सकता है। इसके लिए संगत संस्करण और OneDrive या SharePoint Online में रखी फ़ाइल चाहिए। ब्राउज़र से भी काम किया जा सकता है। इससे फ़ाइल की अलग-अलग प्रतियाँ भेजने की ज़रूरत घटती है, लेकिन डेटा प्रविष्टि, पहुँच की अनुमति और गणनाओं की जाँच के नियम टीम को खुद तय करने पड़ते हैं।
फायदे हैं: लचीला ढाँचा, फ़ॉर्मूले, पिवट रिपोर्ट और विशेष ज़रूरतों के अनुसार विश्लेषण की सुविधा। सीमाएँ हैं: लेखांकन के नियम बनाए रखना, प्रविष्टियों और गणनाओं की जाँच करना तथा साझा फ़ाइल को अद्यतन रखना आपकी जिम्मेदारी है। लेनदेन अधिक हों, तो इस काम में लगने वाले समय का आकलन करें।
एक संकेत कि Excel आधारित व्यवस्था में जोखिम बढ़ रहा है: प्राथमिक दस्तावेज़ समय पर न मिलने और खर्च देर से दर्ज होने के कारण परियोजनाओं का लाभ महीने-दर-महीने बदलने लगता है। दूसरा संकेत है कि परियोजनाओं की रकम का हाथ से मिलान करने में नियमित रूप से टीम की उपलब्ध क्षमता से अधिक समय लग रहा हो। पहले डेटा प्रविष्टि के अनुशासन और मान्यता के नियमों की जाँच करें: केवल सॉफ़्टवेयर बदलने से ये गलतियाँ दूर नहीं होतीं।
Excel की जगह क्या इस्तेमाल करें?
Excel बदलने की ज़रूरत इसलिए नहीं पड़ती कि स्प्रेडशीट खराब हैं। कारण अक्सर कारोबार का बढ़ता आकार होता है: परियोजनाएँ, लोग और लेनदेन बढ़ जाते हैं, जबकि जिम्मेदारियाँ स्पष्ट नहीं रहतीं। इस स्थिति में ऐसी प्रणाली चुनना उपयोगी है जिसमें टीम के लिए डेटा दर्ज करना आसान हो और रिपोर्ट अपने आप तैयार हों।
विकल्पों को अपने काम के अनुसार परखें। साथ मिलकर काम करने के लिए पहले से इस्तेमाल हो रहे Excel और क्लाउड में फ़ाइल रखने की सुविधाएँ जाँचें। यदि औपचारिक लेखांकन से जुड़ाव ज़रूरी है, तो अपनी लेखांकन प्रणाली के साथ संगतता की पुष्टि करें। परियोजना आधारित कारोबार के लिए विशेष प्रणालियों की तुलना परियोजना का हिसाब, फ़ोन से डेटा दर्ज करना, पहुँच की अनुमति, रिपोर्ट और डेटा निर्यात के आधार पर करें।
101 ऐप में परियोजनाओं का हिसाब, रिपोर्ट तथा फ़ोन और कंप्यूटर से काम करने की सुविधाएँ हैं। 101 की सामग्री में खर्च का हिसाब देने के लिए दी गई रकम के नियंत्रण और कंपनी फ़ंड का वर्णन है। चुनते समय जाँचें कि ज़रूरी सुविधाएँ आपकी सदस्यता योजना में हैं या नहीं, और प्रदर्शन के दौरान अपने डेटा पर सूचकों की गणना के नियम समझें।
एक संयुक्त व्यवस्था उपयोगी हो सकती है: टीम का रोज़मर्रा का काम प्रणाली में हो और Excel विशेष विश्लेषण तथा एक बार की गणनाओं के लिए बना रहे। ऐसा करते समय पहले तय करें कि मूल प्रविष्टि कहाँ रखी जाएगी और निर्यात किया गया डेटा कैसे अद्यतन होगा, ताकि विश्लेषण मौजूदा हिसाब से अलग न पड़ जाए।
वास्तविक इंटरफ़ेस में यह कैसे काम करता है, इसे देखने के लिए आप 101 की निःशुल्क प्रस्तुति में शामिल हो सकते हैं और अपनी परियोजनाओं के स्वरूप के अनुसार इसे लागू करने के बारे में सवाल पूछ सकते हैं।

