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तकनीकी निदेशक कौन होता है?
तकनीकी निदेशक नवीनीकरण कंपनी में एक नेतृत्वकारी पद है। इस भूमिका के लिए ऐसा व्यक्ति उपयुक्त होता है जो कुशलता से काम कर सके, लोगों से संवाद कर सके और जिम्मेदारी उठाए। तकनीकी निदेशक परियोजनाओं के कार्य निष्पादन और संसाधनों से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाने का काम करता है।
शुरुआती दौर में कंपनी के प्रमुख अक्सर तकनीकी निदेशक के कार्य भी खुद संभालते हैं: कंपनी का प्रचार, कर्मचारियों की भर्ती, साइट पर काम का नेतृत्व करने वालों की निगरानी और सभी तकनीकी मामलों को देखना। लेकिन जब परियोजनाओं की संख्या बढ़ने लगती है, तो तकनीकी निदेशक के पद के बिना काम नहीं चल सकता।
101 के एक उपयोगकर्ता ने हमारे व्लादिमीर बर्मन के साथ साक्षात्कार (रूसी भाषा में) में इस निर्णय पर चर्चा की। यह जानने के लिए साक्षात्कार पढ़ें कि उन्होंने अपनी क्षेत्रीय शाखा के कामकाज के किस चरण में निर्माण प्रमुख का पद शुरू करने की योजना बनाई थी।
तकनीकी निदेशक की जिम्मेदारी का दायरा
तकनीकी निदेशक के उम्मीदवार पर आप टीम के साथ चर्चा कर सकते हैं और सामूहिक मतदान का तरीका अपना सकते हैं। चयन करते समय उम्मीदवार की जिम्मेदारी निभाने की क्षमता, कठिन कार्यों को हल करने की तत्परता और स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता परखें।
तकनीकी निदेशक को कई नियमों और कार्यप्रणालियों का पालन करना पड़ता है। यह केवल निर्देशों का यांत्रिक पालन नहीं है। स्पष्ट रूप से निर्धारित नियमों और कार्यप्रणालियों के दायरे में तकनीकी निदेशक को काफी स्वतंत्रता मिलती है। उसे इस स्वतंत्रता का इस्तेमाल कंपनी के हित में करना आना चाहिए।
तकनीकी निदेशक के मुख्य कार्य
तकनीकी निदेशक की जिम्मेदारी का दायरा साइट पर काम का नेतृत्व करने वाले या परियोजना प्रबंधक से कहीं व्यापक है, इसलिए उसके कार्य भी कुछ अलग हैं:
ग्राहक से संवाद करना, ताकि समस्याग्रस्त क्षेत्रों और विवादित स्थितियों की पहचान की जा सके और उनके समाधान खोजे जा सकें। परियोजना प्रबंधक भी कभी-कभी ग्राहक से बातचीत करता है, लेकिन विभिन्न रणनीतिक सवालों और समस्याओं पर चर्चा तकनीकी निदेशक संभालता है।
क्षेत्रीय प्रबंधक या कंपनी प्रमुख के साथ इन विषयों पर काम करना:
- काम की दर-सूची को मंजूरी देना और उसके अनुसार काम करना;
- ग्राहकों को एक-दूसरे के पास भेजना;
- डिजाइनरों और वास्तुकारों के संपर्क तथा सिफारिशें साझा करना;
- भूमिकाओं के लिए नए लोगों को मंजूरी देना;
- विपणन से जुड़े मुद्दों और रणनीतियों पर काम करना।
परियोजना प्रबंधकों या साइट पर काम का नेतृत्व करने वालों के बीच कार्यभार बाँटना। तकनीकी निदेशक को कर्मचारियों की क्षमता समझनी चाहिए और उन्हें ऐसे काम सौंपने चाहिए जिन्हें वे वास्तविक परिस्थितियों में पूरा कर सकें।
परियोजना के डिजाइन तैयार करने वालों से संवाद करना। डिजाइनरों के साथ लंबे समय के संबंध बनाना और बनाए रखना इस काम का हिस्सा है।
डिजाइनरों का मजबूत नेटवर्क बनाना कंपनी के प्रचार का आधार है!बिक्री विभाग के साथ काम करना।
निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले विशेषज्ञों के साथ मिलकर परियोजनाओं के लिए नए तकनीकी समाधान खोजना और मौजूदा समाधानों को बेहतर बनाना।
संचालन निदेशक के साथ इन विषयों पर काम करना:
- गुणवत्ता नियंत्रण;
- कर्मचारियों की तलाश;
- 101 में रिपोर्टिंग, जिसमें कंपनी द्वारा सौंपे गए अधिकारों के दायरे में बिलों की पुष्टि और उन पर हस्ताक्षर करने का अधिकार शामिल है।
नियोजन, हिसाब-किताब और रिपोर्टिंग की व्यवस्था की निगरानी करना। यह सुनिश्चित करना कि 101 ऐप में योजनाएँ और हिसाब दर्ज हों, रिपोर्ट तैयार की जाएँ और ग्राहक को समय पर दी जाएँ।
परियोजनाओं में उपलब्ध धनराशि पर नजर रखना। तकनीकी निदेशक को लगातार ऐसी स्थितियों का पहले से अनुमान लगाने और उन्हें रोकने पर काम करना चाहिए जिनमें परियोजना का शेष धन शून्य के करीब पहुँच जाए।
ग्राहकों को 101 ऐप इस्तेमाल करने का शुरुआती प्रशिक्षण देना।
परियोजना की समय-सीमाओं का पालन सुनिश्चित करना।
यह देखना कि परियोजना प्रबंधक कंपनी के उपकरणों और अन्य कार्य-सामग्री का सही इस्तेमाल करें तथा उनकी मरम्मत के निर्धारित कार्यक्रम का पालन हो।
परियोजना प्रबंधक और प्रशिक्षु के काम में तालमेल बैठाना। इसमें टीम की एकजुटता और सदस्यों का मार्गदर्शन व विकास महत्वपूर्ण हैं।
टीम बनाने, प्रबंधन करने और विवादित स्थितियों को सुलझाने की क्षमता तकनीकी निदेशक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।परियोजनाओं के लिए परियोजना प्रबंधकों और कारीगरों की भर्ती करना। तकनीकी निदेशक को समझना चाहिए कि उसे किस तरह का व्यक्ति चाहिए, अपनी अपेक्षाएँ स्पष्ट करनी चाहिए, उम्मीदवार को सही ढंग से परखना चाहिए और चयन के निर्णय दृढ़ता से लेने चाहिए।
कार्यों की यह सूची इतनी विस्तृत इसलिए है क्योंकि तकनीकी निदेशक नवीनीकरण प्रक्रिया के लगभग सभी प्रतिभागियों से संवाद करता है।
श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के नियमों, कार्यस्थल तथा श्रम अनुशासन और कंपनी के आंतरिक नियमों के पालन की निगरानी करना।
कारीगरों और परियोजना प्रबंधकों का कौशल बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण तथा अन्य गतिविधियों का आयोजन करना।
तकनीकी निदेशक का पद किसके लिए उपयुक्त है?
यह चुनौतीपूर्ण पद है। इसमें गहरी भागीदारी, व्यवस्थित सोच और पूरी टीम का काम संगठित करने की तैयारी चाहिए। निर्माण और इंटीरियर परियोजनाओं को पूरा करने के ज्ञान के साथ नेतृत्व और प्रबंधन के कौशल भी जरूरी हैं। लोगों के मनोविज्ञान को बारीकी से समझना और संभावित संकट की स्थितियों को पहले से भाँप पाना भी जरूरी है।
तकनीकी निदेशक के काम के कई फायदे हैं:
- अपना कामकाजी समय स्वयं व्यवस्थित करना;
- उच्च वेतन;
- रचनात्मक समाधान अपनाने की स्वतंत्रता;
- आगे बढ़ने के अवसर: जब शीर्ष प्रबंधक आगे बढ़ते हैं, तो कंपनी भी आगे बढ़ती है।
काम की कठिनाइयाँ
- काम वास्तव में बहुत होता है। उसे कैसे व्यवस्थित करना है, यह आप तय कर सकते हैं, लेकिन कार्यभार फिर भी काफी रहता है।
- जिम्मेदारी का स्तर ऊँचा होता है और काम में समय तथा ऊर्जा लगाने की जरूरत होती है।
इस पद पर केवल निर्देशों का पालन करना पर्याप्त नहीं है और जिम्मेदारी दूसरों पर डालकर भी काम नहीं चलता। यह भूमिका उन लोगों को चुननी चाहिए जो अधिकारों के साथ टीम और कंपनी के नतीजों की जिम्मेदारी स्वीकार करने तथा काम में अपना समय और मेहनत लगाने के लिए तैयार हों।







